प्राचार्य
डॉ. पंकज कुमार
प्रधानाचार्य
सकारात्मक रूपरेखा और जमीनी स्तर पर की गई पहलों के माध्यम से समझदारी और जिम्मेदारी के नए युग का द्वार खोला जा सकता है। ज्ञान और कौशल के विकास के लिए नए आयाम इस आधुनिक युग की आवश्यकता है। माता-पिता, शिक्षकों, मार्गदर्शकों और बुजुर्गों को बेहतर भविष्य के लिए क्षमताओं का दोहन करने और नैतिकता को विकसित करने के तरीकों पर पुनर्विचार करना होगा।