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    निपुण लक्ष्य

    निपुण लक्ष्य – केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2, अंगुल

    केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2, अंगुल निपुण भारत मिशन के अंतर्गत निपुण लक्ष्य के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यालय का विशेष ध्यान आधारभूत स्तर के विद्यार्थियों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान (FLN) को सुदृढ़ करने पर है।

    विद्यालय सीखने को आनंददायक, सार्थक और प्रभावी बनाने के लिए बाल-केंद्रित एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण-अधिगम पद्धतियों को लागू करता है। शिक्षक विद्यार्थियों को कहानियों, तुकबंदी, कविताओं, चित्र-पठन, बातचीत, भूमिका-अभिनय, खेल, पहेलियों, कार्यपत्रकों, हस्तगत गतिविधियों तथा शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLMs) के माध्यम से सीखने के अवसर प्रदान करते हैं। ये गतिविधियाँ बच्चों में शब्दावली, पठन प्रवाह, समझ, लेखन कौशल, संख्या बोध, मूलभूत संक्रियाओं तथा समस्या-समाधान की क्षमताओं के विकास में सहायक होती हैं।

    खेल एवं अनुभवात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखने पर विशेष जोर दिया जाता है, जिससे विद्यार्थी केवल अवधारणाओं को याद करने के बजाय सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों के सीखने के स्तर का नियमित रूप से अवलोकन एवं आकलन करते हैं, ताकि सीखने की कमियों की पहचान की जा सके तथा उचित उपचारात्मक एवं व्यक्तिगत सहयोग प्रदान किया जा सके।

    विद्यालय अभिभावकों की सहभागिता एवं विद्यार्थियों की प्रगति की निरंतर निगरानी के माध्यम से एक सहयोगात्मक एवं सहायक शिक्षण वातावरण को भी प्रोत्साहित करता है। शिक्षक, अभिभावक एवं विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयास यह सुनिश्चित करने में योगदान देते हैं कि प्रत्येक बच्चा अपेक्षित आधारभूत दक्षताओं को प्राप्त कर सके।

    निपुण लक्ष्य के माध्यम से, केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2, अंगुल प्रत्येक बच्चे के आजीवन सीखने और सर्वांगीण विकास के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने का प्रयास करता है।